
जब भी परिक्षायें आती है ,
मेरी ऊपर की सांस ऊपर
औरनीचे की सांस नीचे रह जाती है।
कुछ समझ में नहीं आता,
यहाँ तक की प्रिय टी. वी. भी नहीं भाता,
शाहरुख खान में परीक्षक नज़र आता है।
न भूख लगती है, न नींद आती है,
सारा दिन बस बैचेनी सताती है।
हे! इश्वर चाहें फ़ेल कीजिये या पास,
पर इस परीक्षा रूपी दानव का नाश कीजिये।
मेरी ऊपर की सांस ऊपर
औरनीचे की सांस नीचे रह जाती है।
कुछ समझ में नहीं आता,
यहाँ तक की प्रिय टी. वी. भी नहीं भाता,
शाहरुख खान में परीक्षक नज़र आता है।
न भूख लगती है, न नींद आती है,
सारा दिन बस बैचेनी सताती है।
हे! इश्वर चाहें फ़ेल कीजिये या पास,
पर इस परीक्षा रूपी दानव का नाश कीजिये।




1 comment:
ha ha....
aaj hi maine apna ek anubhav exam dino ko yaad karke dala hai...
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